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लखनऊ घंटाघर में CAA का विरोध कर रही थी महिलाएं, तभी आ पहुंची अखिलेश यादव की बेटी टीना, और फिर.. -

लखनऊ घंटाघर में CAA का विरोध कर रही थी महिलाएं, तभी आ पहुंची अखिलेश यादव की बेटी टीना, और फिर..

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लखनऊ घंटाघर में CAA का विरोध कर रही थी महिलाएं, तभी आ पहुंची अखिलेश यादव की बेटी टीना, और फिर..

पुरे देश में मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर दिया हैं. हालाँकि इसके विरोध में लोग अभी तक प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं. जहाँ एक तरफ इस नियम को भारी समर्थन मिल रहा हैं तो वहीं दूसरी ओर कई लोग ऐसे भी हैं जो इस नियम का विरोध कर रहे हैं. उनकी मांग हैं कि सरकार इस सीएए के नियम को वापस ले. दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी शाहीन बाग के प्रदर्शन से आप सभी वाकिफ हैं. अब इसी की तर्ज पर पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर के समीप भी कई महिलाएं सीएएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रही है.

प्रदर्शन कर रही इन्हीं महिलाओं के सपोर्ट में अब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी टीना यादव भी आ गई हैं. दरअसल इन दिनों सीएए का विरोध करते हुए अखिलेश की बेटी टीना की कुछ तस्वीरें बड़ी तेजी से वायरल हो रही हैं. बताया जा रहा हैं कि टीना इस विरोध प्रदर्शन में 18 जनवरी को शामिल हुई थी लेकिन उनकी फोटोज अब जाकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. अखिलेश की बेटी जैसे ही धरनास्थल पर गई तो उन्हें देख वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. इसके बाद कई महिलाएं उनके पास आई और सेल्फी लेने लगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस विरोध प्रदर्शन के चलते यूपी पुलिस ने शायर मुनव्वर राणा की बेटियों सुमैया और फौजिया को आरोपी का टैग दिया था. उनके ऊपर धारा 144 का उलंघन करने और गवर्नमेंट वर्कर पर हमला करने के विरोध में एफआईआर दर्ज हुई थी. बता दे कि सीएए और एनआरसी के विरोध में किया जाने वाला ये प्रदर्शन लखनऊ में पिछले शुक्रवार स्टार्ट हुआ था. विरोध कर रही महिलाओं की मांग हैं कि जब तक सरकार इस सीएएए और एनआरसी को वापस नहीं ले लेती तब तक वे धरने पर से नहीं उठेंगी.

वहीं इसके पहले प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुलिस पर ये आरोप लगाए थे कि उन्होंने इतनी सर्दी होने पर भी हमारे पास रखे कम्बल देर रात को जब्त कर लिए थे. इस मामले पर पुलिस ने अपनी सफाई देते हुए कहा हैं कि कुछ सामाजिक संगठन इन महिलाओं को कम्बल वितरित कर रहे थे. इस बीच बड़ी संख्या में वे लोग भी कंबल लेने आ गए जो इस प्रदर्शन में शामिल ही नहीं थे. इस भीड़ और अफरा तफरी को रोकने हेतु वहां से कंबल हटवाए गए थे.

वैसे इस पुरे मामले पर आपकी क्या राय हैं हमें कमेंट में जरूर बताए.


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