आप भी करते हैं क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तो जान लीजिए इसके बारे में ये छुपी बातें

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एक समय था जब कोई भी समान खरीदते वक़्त समान की कीमत उसी समय अदा करनी पड़ती थी, उस समय नकद भुगतान का चलन था। हर छोटे-बड़े लेन-देन के लिए नकदी ही चलती थी और इसकी वजह से कई बार  लोगोंलोगों को तमाम तरह की  को कई तरका सामना भी करना पड़ता था। उन्हे इस चक्कर में बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ जाते थे और उसके बाद भी कई बार पैसे आदि नही मिल पाने की वजह से कई महत्वपूर्ण काम अटक जाया करते थे। मगर अब समय भी बदल गया है और देश भी, आज देश में इतने सारे बदलाव हो चुके हैं और हमारा देश भी अब डिजिटल हो चला है। ऐसे में आज के समय में लोग नकद पैसे रखने के बजाय डेबिट और क्रेडिट कार्ड रखना आसान समझते हैं। वजह, इससे लोगों का समय और मेहनत दोनों बचते हैं।

हालांकि काफी कुछ डिजिटल होने के बाद अब लोगों की सोच भी काफी बादल चुकी है और एक समय में बैंकों द्वारा जारी किए गए क्रेडिट कार्ड बहुत ही सीमित लोगों द्वारा ही इस्तेमाल होता था जिसका काम बिल्कुल पुरानी फिल्मों के लालाजी की तरह होता है जो लोगों को ब्याज पर पैसे उधार देते थे। मगर अब ऐसी ऐसी सुविधाएं आ गयी है की आपको पैसे भी आसानी से मिल जाते है और गिड़गिड़ाना नहीं पड़ता, बस आपको बैंक की कुछ शर्तों पर खरा उतरना पड़ता है उसके बाद आप अपनी सुविधा अनुसार जो मर्ज़ी वो क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

तेजी से बदल रहे दौर में डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड ऐसे माध्यम हैं जिनसे आजकल लोगों का वास्ता दिन में कई बार पड़ता है। क्रेडिट कार्ड से आपको ये सहूलियत मिलती है कि शॉपिंग के बाद आपके बैंक खाते से तुरंत पैसा नहीं कटता है बल्कि उस समय ये पैसा बैंक देता है और बाद में आपको क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करना पड़ता है। मगर शायद आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी की क्रेडिट कार्ड पर कई तरह के छुपे हुए चार्जेज भी रहते हैं या इनकी सुविधाओं के लिए आपसे लिए जाते हैं तो इनको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।

समय से बिल पे नहीं करने पर देने पड़ती है भारी पेनल्टी

अगर आप समय से क्रेडिट कार्ड का मंथली बिल पे नहीं करते हैं तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको 10 फीसदी से लेकर 20-22 फीसदी तक ब्याज पेनल्टी के रूप में देना पड़ सकता है। अलग-अलग बैंकों की पेनल्टी अलग अलग होती है लेकिन आपके लिए यही सबसे सही होगा कि हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड के बिल को देखते रहें और समय से इसका पेमेंट कर दें।

सिर्फ मिनिमम अमाउंट पे न करें

क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में मिनिमम अमाउंट पे का ऑप्शन दिया होता है और आप हर महीने मिनिमम अमाउंट अदा करके सोचते हैं कि आपने बिल तो पे कर ही दिया है लेकिन आपको ये नहीं पता होता कि आपके बचे हुए अमाउंट पर पेनल्टी लगती रहती है और इस पर हर महीने ब्याज पर ब्याज जुड़ता रहता है। इसी तरह जब बिल कुल मिलाकर आपकी क्रेडिट लिमिट तक पहुंच जाता है तो बैंक आपको इसकी सूचना देता है। इस तरह अगर आपकी क्रेडिट लिमिट पहुंचने तक आपने बिल पे नहीं किया तो भी बैंक आपको सूचना नहीं देते और छुपे हुए चार्ज वसूल करते रहते हैं।

फिक्‍स रेट नही होते हैं फिक्‍स

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये होती है की कार्ड इशू करने वाली बैंक आप के एपीआर को कभी भी बड़ा सकती है। हालांकि यह जानकारी सी‍क्रेट नही है मगर इसे छुपा कर रखा जाता है। कंपनियां इसे कार्डहोल्‍डर एग्रीमेंट पर देती हैं, वह चाहती हैं कि आप इसे मिस कर दें। वैसे हम एक फिक्‍स इंट्रेस्‍ट रेट के पेपर पर साइन करते हैं पर उसे कंपनी कभी भी बदल सकती है। आप को यह अधिकार है कि 15 दिन पहले आप को रेट इंक्रीज करने की जानकारी दी जाए, ऐसे में आप को अपनी मेल चेक करनी चाहिए।

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About the Author: Kumar Gourav

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