जानिए प्रसिद्ध श्रीकृष्ण के मंदिरों के बारे में, जहां जन्माष्टमी पर भक्तों की उमड़ती है भीड़

DMCA.com Protection Status

देशभर में कई धर्म को मानने वाले लोग हैं और सभी लोग अपने-अपने धर्म के अनुसार भगवान की पूजा करते हैं, वैसे देखा जाए तो हमारे देश भर में बहुत से मंदिर मौजूद है और इन्हीं मंदिरों में से भगवान श्री कृष्ण जी के भी अनगिनत मंदिर स्थित है, भगवान कृष्ण जी के इन मंदिरों के अंदर साल भर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है परंतु जब जन्माष्टमी का अवसर आता है तो इन मंदिरों में भक्तों की भीड़ और अधिक बढ़ जाती है, आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ ऐसे कृष्ण मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो बहुत ही खास माने जाते हैं और जन्माष्टमी के अवसर पर इन मंदिरों के अंदर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

जानिए प्रसिद्ध श्रीकृष्ण के मंदिरों के बारे में

प्रेम मंदिर, वृंदावन

जब जन्माष्टमी का अवसर आता है तो प्रेम मंदिर की सजावट बिल्कुल खास तरीके से की जाती है, वृंदावन का यह प्रेम मंदिर बहुत ही भव्य है, इस मंदिर की सजावट तो रोजाना की जाती है और रोजाना अलग अलग तरीके से इस मंदिर को सजाया जाता है परंतु रात के समय इस मंदिर का नजारा देखने लायक होता है, रात के समय यह मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से चमकता है।

बाल कृष्ण मंदिर, हंपी कर्नाटक

बाल कृष्ण मंदिर की रचना की बात की जाए तो यह बहुत ही अनोखे तरीके से की गई है, इस मंदिर के अंदर बाल कृष्ण की मूर्ति विराजमान है।

द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा

इस मंदिर के अंदर भगवान श्री कृष्ण जी की बहुत ही सुंदर मूर्ति स्थित है, यह मंदिर यमुना नदी के घाट पर बना हुआ है।

श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा राजस्थान

यह मंदिर अपनी मूर्तियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, इस मंदिर में जो मूर्तियां हैं उसके बारे में ऐसा बताया जाता है कि मेवाड़ के राजा ने गोवर्धन की पहाड़ियों से औरंगजेब से यह मूर्तियां बचा कर लाए थे, 12 वीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्माण कराया गया था।

जगन्नाथ मंदिर

जगन्नाथ मंदिर की महिमा देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मशहूर है, अगर हम पुराणों के अनुसार देखें तो जगन्नाथपुरी को धरती का बैकुंठ बताया गया है, जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से प्रमुख है, इस मंदिर के बारे में ऐसा बताया जाता है कि जगन्नाथ मंदिर 800 साल से भी पुराना है, इस मंदिर के शिखर पर एक झंडा है जो हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहराता रहता है।

श्री रणछोड़ जी महाराज मंदिर, गुजरात

विश्व प्रसिद्ध यह मंदिर गोमती नदी के किनारे दकोर के मुख्य बाजार के बीचों बीच स्थित ,है श्री रणछोड़ जी महाराज का यह मंदिर सोने से बना हुआ है, इस मंदिर का निर्माण 1772 में मराठा नोबेल ने कराया था, इस मंदिर के अंदर 8 गुबंद और 24 बुर्ज है, माता लक्ष्मी जी का मंदिर भी यहां पर स्थित है, ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मी जी से मिलने भगवान कृष्ण जी उनके मंदिर में जाते हैं, इस मंदिर के अंदर लोग दूर-दूर से दर्शन करने के लिए आते हैं, इस मंदिर की संरचना को देखकर लोग इसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं।

Recommended For You

Sohan Mahto

About the Author: Sohan Mahto

Leave a Reply