कथा: जीवन में जितनी अधिक सुविधाएं होती हैं, परेशानियां भी उतनी अधिक होती हैं

कहानी

एक राजा अपने पुत्र से बेहद ही प्यार करता था और इस राजा ने अपने पुत्र को हर सुविधा दे रखी थी। राजा कभी भी राजकुमार को किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते थे और राजकुमार की सेवा में राजा ने 10 नौकर लगा रखे थे। राजकुमार पूरी तरह से इन नौकरों पर निर्भर था। हाालिंक इतनी सुविधा मिलने के बाद भी राजकुमार खुश नहीं रहा करता था। राजकुमार के खुश ना होने की वजह से राजा भी दुखी रहते थे और यही सोचते थे कि आखिर मैं ऐसा क्या करुं की राजकुमार खुश रहने लग जाए।

एक दिन राजा के मंत्री ने उनसे कहा, महाराज आप गौतम बौद्ध के पास जाएं और उनको अपनी परेशानी बताएं। गौतम बौद्ध के पास आपकी परेशानी का हल जरूर होगा। अपने मंत्री की बात को मानते हुए राजा तुरंत गौतम बौद्ध से मिलने के लिए उनके आश्रम चले गए। आश्रम में प्रवेश करते ही राजा ने पाया कि आश्रम में मौजूद हर भिक्षु काफी खुश था और हर भिक्षु खुशी के साथ अपने-अपने कार्यों को करने में लगा हुआ था।

कुछ देर बार राजा गौतम बुद्ध से मिलते हैं और गौतम बुद्ध से कहते हैं, मैंने अपने बेटे को हर सुविधा दे रखी है और हर वक्त नौकर मेरे बेटे की सेवा मेंं लगे रहते हैं। लेकिन इसके बाद भी मेरा पुत्र खुश नहीं रहता है। वहीं आपके आश्रम में रहने वाले भिक्षुओं के पास कुछ भी नहीं है। फिर भी ये भिक्षु खुश हैं और अपने कार्यों को मजे के साथ कर रहे हैं। भला ऐसा क्यों?

भगवान गौतम बुद्ध ने राजा के इस सवाल का उत्तर देते हुए कहा, जिन लोगों के जीवन में सुविधाएं होती हैं वो लोग इन सुविधाओं को खोने के डर से हमेशा परेशान रहते हैं और इस परेशानी के कारण वो खुश नहीं रहते हैं। वहीं जो लोग खुशी के साथ सुविधाओं का त्याग कर देते हैं, वो लोग सदा ही खुश रहते हैं। इस आश्रम में मौजूद हर भिक्षु ने अपने जीवन की सुविधाओं का त्याग कर दिया है और इसलिए वो हर वक्त खुश रहते हैं। क्योंकि इन्हें किसी भी चीज के खोने का डर नहीं हैं।

वहीं आपके पुत्र जो कि एक राजकुमार हैं वो हर वक्त सुविधाओं से घिरे रहते हैं। जिसके चलते उनके मन में सदा ये डर और चिंता रहती है कि उनके जीवन से ये सुविधाएं कोई छीन ना लें। इस डर और चिंता के कारण ही वो दुखी रहते हैं। जिस दिन राजकुमार उनको मिली सभी सुविधाओं का त्याग सच्चे मन से कर देंगे। उस दिन उनके जीवन से डर और चिंता दूर हो जाएगी और वो भी इन भिक्षु की तरह खुश रहने लग जाएंगे।

गौतम बुद्ध की बात सुनकर राजा को समझ आ गया कि उनके द्वारा राजकुमार को दी गई इतनी सारी सुविधाओं के कारण ही राजकुमार दुखी रहते हैं। इसलिए राजकुमार को जितनी कम सुविधा दी जाए वो उतना ही खुश रहने लग जाएगा।


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