अध्यात्म

शुक्रवार को क्यों की जाती है मां दुर्गा की पूजा, पढ़ें इससे जुड़ी कथा

शुक्रवार के दिन मां दुर्गा की पूजा करने से मां का आशीर्वाद आसानी से प्राप्त होता जात है और दुर्गा मां अपने भक्तों की हर कामना को पूरा कर देती हैं। शुक्रवार के दिन लोग मंदिर में जाकर मां दुर्गा की पूजा करते हैं और दुर्गा मां से जुड़े मंत्रों का जाप भी करते हैं। लेकिन शुक्रवार के दिन ही दुर्गा मां की पूजा क्यों की जाती है, इसके साथ एक कथा जुड़ी हुई है और ये कथा इस प्रकार है-

दुर्गा मां से जुड़ी कथा

धरती पर असुरों का प्रकोप काफी बढ़ रहा था और देवताओं और असुरों के बीच युद्ध छिड़ा हुआ था। देवता असुरों से काफी शक्तिशाली हुआ करते थे। जिसके कारण देवता आसानी से असुरों का वध कर दिया करते थे। लेकिन असुरों के राजा गुरु शुक्राचार्य के पास एक ऐसा मंत्र था जिसकी मदद से वो मरे हुए असुरों को भी जीवत कर देते थे। फलस्वरूप जब भी किसी असुर का वध देवताओं द्वारा किया जाता, तो गुरु शुक्राचार्य मंत्र की मदद से उस असुर को जीवत कर देते थे। गुरु शुक्राचार्य की इस विद्या से देवता काफी परेशान रहा करते थे। एक दिन देवताओं ने मां दुर्गा से मिलकर उन्हें बताया कि किस तरह से वो असुरों का वध करते हैं। लेकिन गुरु शुक्राचार्य अपनी विद्या की मदद से हर असुरों को जीवत कर देते हैं। देवताओं ने मां दुर्गा से गुरु शुक्राचार्य की शक्ति छीनने को कहा।

मां दुर्गा ने देवताओं से वादा किया की वो गुरु शुक्राचार्य से उनकी शक्तियां छीन लेंगी। जिसके बाद मां दुर्गा ने गुरु शुक्राचार्य के मृत संजीवनी मंत्र के प्रभाव को खत्म कर दिया। मृत संजीवनी मंत्र का प्रभाव खत्म होने से गुरु शुक्राचार्य असुरों को जीवत नहीं कर पा रहे थे।

अपने मंत्र का प्रभाव खत्म होता देख गुरु शुक्राचार्य ने शिव जी की तपस्या की। गुरु शुक्राचार्य  की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने फिर से उनके मृत संजीवनी मंत्र को प्रभाव शाली कर दिया। लेकिन  गुरु शुक्राचार्य जानते थे कि दुर्गा मां फिर से उनके  इस मंत्र का प्रभाव खत्म कर देगीं। तब गुरु शुक्राचार्य ने मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए और उनके प्रकोप से बचने के लिए हर शुक्रवार के दिन उनकी पूजा करना शुरू कर दिया और गुरु शुक्राचार्य की पूजा से मां दुर्गा प्रसन्न हो गई। तब से शुक्रवार का दिन मां दुर्गा को समर्पित हो गया और इस दिन लोगों द्वारा मां दुर्गा की पूजा की जाने लगी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से मां जल्द ही प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

शुक्रवार के दिन की जाती हैं इन देवियों की भी पूजा

मां दुर्गा के अलावा शुक्रवार का दिन मां संतोषी और मां लक्ष्मी को भी समर्पित है और इस दिन इन दोनों देवियों की भी पूजा की जाती है। वहीं जो लोग एक साथ इन देवियों की पूजा शुक्रवार के दिन करते हैं उनके घर में धन की कभी भी कमी नहीं होती हैं और मां उनकी रक्षा करती हैं।

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