मां के इस चमत्कारिक मंदिर में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं लाखों भक्त, सबकी इच्छाएं होती है पूरी

भारतवर्ष में बहुत से प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है, हमारे देश में देवी-देवताओं के ऐसे बहुत से मंदिर हैं जहां पर लोग भारी मात्रा में दर्शन करने के लिए मौजूद होते हैं, इन्हीं में से एक विंध्याचल हिंदुओं का खास तीर्थ स्थल माना गया है, गंगा नदी के तट पर स्थित यह शहर भारत का सबसे प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है, यहां पर माता का एक मंदिर स्थित है जिसके बारे में ऐसा बताया जाता है कि जो भक्त यहां दर्शन करने के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं माता रानी पूरी करती है, वैसे तो इस मंदिर में भक्तों का साल भर आना जाना लगा रहता है परंतु नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर में भक्त लाखों की संख्या में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं।

हम आपको जिस प्रसिद्ध माता के मंदिर के बारे में जानकारी दे रहे हैं यह मिर्जापुर में स्थित है, यह मंदिर विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी मंदिर के नाम से जाना जाता है, मिर्जापुर से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विंध्यांचल भौगोलिक दृष्टि से भारत का मध्य बिंदु माना गया है, ऐसा माना जाता है कि इस स्थान पर विंध्यवासिनी विराजमान है, जहां पर गंगा नदी विंध्य पर्वत को स्पष्ट करते हुए प्रवाहित होती है, मान्यता अनुसार नवरात्रि के दिनों में वर्तमान समय में भी माता विंध्यवासिनी भक्तों को दर्शन करने के लिए पताका पर विराजमान होती है।

माता के इस तीर्थ स्थल को देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, ऐसा बताया जाता है कि नवरात्रि के दिनों में मां के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, अगर माता रानी से कोई मनोकामना मांगी जाए तो वह अवश्य पूरी होती है, लाखों की संख्या में भक्त माता के इस दरबार में हाजिरी लगाने के लिए जाते हैं, देशभर से आए भक्त माता के दर्शन करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं।

जो भक्त माता के इस दरबार में दर्शन करने के लिए आते हैं उनका बताना है कि माता के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है, यहां 3 किलोमीटर के दायरे में 3 देवियों के दर्शन होते हैं, इस तीर्थ स्थल के केंद्र में मां विंध्यवासिनी कालीखोह पर विराजमान है, इनके पास ही मां अष्टभुजा और महाकाली देवी अष्टभुजा नामक दूसरी पहाड़ी पर निवास करती है, अतिरिक्त शक्तिपीठों में देवी के अलग-अलग अंगों की प्रतीक रूप से पूजा की जाती है परंतु यह शक्तिपीठ एकमात्र ऐसा है जहां पर देवी माता के संपूर्ण विग्रह के दर्शन किए जा सकते हैं, त्रिकोण यंत्र पर स्थित देवी लोक हित के लिए महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का रूप धारण करती है।

विशेष रूप से इस मंदिर में 10 दिनों तक माता के दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है, जहां पर भक्त इस मंदिर में अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करते हैं वही भक्तों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन भी सुरक्षा का पूरा इंतजाम किए रखते हैं, भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गर्भ गृह में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाता है, इस मंदिर में भक्तों की सभी दुख परेशानियां माता रानी दूर करती है।

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