रोती-बिलखती महिला को स्मृति ईरानी ने लगाया गले, मंच पर दिखा ऐसा नजारा, देखिए Video

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रोती-बिलखती महिला को स्मृति ईरानी ने लगाया गले, मंच पर दिखा ऐसा नजारा, देखिए Video

साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में अमेठी से बुरी तरह हारने वाली स्मृति ईरानी को इस बार यहीं से बहुमत मिला. इसके पीछे की वजह थी कि स्मृति ईरानी की दिन-रात की मेहनत और वो रंग ले ही आई. स्मृति ईरानी के मुताबिक गरीबों का दर्द उनसे देखा नहीं जाता क्योंकि वे खुद मिडिल क्लास फैमिली को बिलॉन्ग करती थीं तो वे अच्छे से समझ सकती हैं उनका दर्द और एक बार फिर उन्होंने साबित किया. रोती-बिलखती महिला को स्मृति ईरानी ने लगाया गले और इसके बाद क्या हुआ इसके बारे में आपको देखकर समझ जाना चाहिए.

रोती-बिलखती महिला को स्मृति ईरानी ने लगाया गले

पीएम मोदी सरकारर में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर पहुंची स्मृति ईरानी को कुछ अजीबो-गरीब स्थिति का सामना करना पड़ा. यहां हुई एक सभा में जब एक महिला मंच पर आकर स्मृति ईरानी के पैरों में गिर गईं और रोने लगी. ये देखकर केंद्रीय मंत्री का दिल पसीजा और उन्होंने उस महिला को सीने से लगा लिया. स्थानीय महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि परिवार के सदस्यों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है औऱ वो न्याय चाहती है. स्मृति ईरानी ने मामले का संज्ञान लिया और महिला को उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया. देखिए वीडियो-

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ शनिवार, 22 जून से अमेठी के दो दिवसीय दौर पर हैं और उन्होंने 22 जून को दोपहर 12 बजे बरौलिया गांव में दिवंगत बीजेपी नेता सुरेंद्र सिंह के परिजनों से भी मुलाकात की. इसके बाद तिलोई के विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुईं. यहां पर राजा विश्वनाथ शरण सिंह इंटर कॉलेज के कैंपस में एक जनसभा को संबोधित भी किया. इस दौरान अपने भाषण में स्मृति ने कहा कि किसी ने भी ये नहीं सोचा कि एक साधारण परिवार की महिला को आपके प्रतिनिधि बनने का मौका मिलेगा. एक ऐसे क्षेत्र में जो नामदार का गढ़ था जहां ये माना जाता था कि भले ही सांसद 5 साल तक नहीं लौटे लोग उसे स्वीकार जरूर करेंगे.

नामदार शब्द का प्रयोग क्यों किया ?

स्मृति ईरानी ने अपने भाषण को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह सामाजिक क्रांति तब आई जब सभी लोगों ने मतदान केंद्रों पर जाकर कमल के फूल वाले बटन को दबाया तो संदेश दिया कि नामदार के लिए लोकतंत्र नहीं बनाया गया है. इस कार्यक्रम में यूपी के उप सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेता मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 में नामदार शब्द का प्रयोग कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए किया था. स्मृति ईरानी ने इन्हीं चुनावों में कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली अमेठी से 45000 वोटों से जीत हासिल की थी.

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About the Author: Ashish Singh

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