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ब्रज के इन शिव मंदिरों की सावन में कर लें यात्रा, मिलेगा विशेष लाभ, होगी पुण्य की प्राप्ति -
अध्यात्म

ब्रज के इन शिव मंदिरों की सावन में कर लें यात्रा, मिलेगा विशेष लाभ, होगी पुण्य की प्राप्ति

हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत ही पवित्र माना गया है, ऐसा कहा जाता है कि अगर सावन के महीने में भगवान शिव जी के तीर्थ स्थलों के दर्शन किए जाए तो इससे व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है, सावन के महीने में सभी लोग भगवान शिव जी को खुश करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं और इनका जलाभिषेक करके अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं, सावन के महीने में मंदिरों के अंदर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, शिव भक्त भगवान शिव जी का जलाभिषेक करके मनोवांछित फल की प्राप्ति करते हैं।

आज हम आपको भगवान शिव जी के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिनकी यात्रा अगर आप सावन के महीने में करते हैं तो इससे आपको लाभ मिलेगा और पुण्य की प्राप्ति होती है, पुराणों में भी मथुरा वृंदावन के सभी तीर्थ स्थलों को सबसे ऊपर का स्थान मिला है, इस स्थान में स्थित शिव स्थानों के दर्शन करने से संपूर्ण तीर्थ दर्शन का लाभ मिलता है, आज हम आपको बज्र मंडल के शिव जी के तीर्थ स्थलों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

भूतेश्वर महादेव मंदिर

भगवान शिव जी का भूतेश्वर महादेव मंदिर मथुरा में भूतेश्वर चौराहे पर मौजूद है, यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है और इस मंदिर के अंदर एक शिवलिंग स्थापित है, भूतेश्वर महादेव को मथुरा नगरी का क्षेत्रपाल भी बताया जाता है, ऐसा माना जाता है कि मथुरा में आने वाले श्रद्धालु भूतेश्वर महादेव जी के दर्शन जब तक नहीं करते हैं तब तक उनकी यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है।

चकलेश्वर महादेव मंदिर

भगवान शिव जी के सबसे मशहूर धार्मिक स्थलों में से एक चकलेश्वर महादेव का मंदिर आता है, इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इंद्र के प्रकोप से बज्र वासियों की रक्षा करने के लिए भगवान कृष्ण जी ने भगवान शिव जी की प्रार्थना करके इनको बज्र में बुलाया था, तब भगवान शिव जी ने अपने त्रिशूल को चक्र की भांति घुमाते हुए इंद्र द्वारा 7 दिन से की जा रही घनघोर वर्षा के जल को सुखा दिया था, भगवान भोलेनाथ की इस लीला से इंद्र का मान भंग हुआ था और उन्होंने भगवान शिव जी और कृष्ण जी से क्षमा याचना की थी, इसके पश्चात भगवान कृष्ण जी ने भगवान भोलेनाथ को चक्रेश्वर नाम से गोवर्धन धाम में मानसी गंगा के निकट स्थापित किया था और उन्होंने खुद भी शिवजी की पूजा अर्चना शुरू की थी।

कामेश्वर महादेव मंदिर

भगवान शिव जी का कामेश्वर महादेव मंदिर मथुरा के खूबसूरत उपवन में स्थित है, ऐसा बताया जाता है कि राजा वज्र नाथ ने लगभग 4800 वर्ष पहले यहां पर शिवलिंग की स्थापना की थी, यह मंदिर कामां या काम्‍यकवन राजस्थान के भरतपुर जिले में आता है, यहां की प्रमुख देवी वृंदा देवी है, राधा रानी का ही स्वरूप वृंदा देवी मानी गई है, इन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम वृंदावन रखा गया था, इस मंदिर के अंदर लोग दूर-दूर से आते हैं और यहां के खूबसूरत दृश्य का आनंद उठाते हैं, कामेश्वर महादेव मंदिर बज्र की चौरासी कोस परिक्रमा का अहम पड़ाव माना गया है।

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