अध्यात्म

स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख माह में करें यह काम, बनी रहेगी भगवान विष्णु की कृपा

वैशाख का महीना भगवान विष्णु जी की पूजा करने का विशेष दिन माना जाता है, इन दिनों में अगर आप भगवान विष्णु जी की पूजा करते हैं तो इसका बहुत विशेष महत्व होता है, वैशाख के महीने में सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान करके पूजा की जाती है, पुराणों में इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर व्यक्ति इन दिनों में सूर्य उदय से पहले उठकर पूजा करता है या व्रत रखता है तो इससे उसके जीवन की दरिद्रता दूर होती है और जीवन में कभी भी दरिद्रता नहीं आती है, आज हम आपको स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं, अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो इससे भगवान विष्णु जी की कृपा दृष्टि आपके ऊपर हमेशा बनी रहेगी और जीवन के दुखों से छुटकारा मिल सकता है।

आइए जानते हैं वैशाख महीने में किन कामों को करना चाहिए

  • अगर कोई व्यक्ति वैशाख महीने में प्याऊ लगवाता है या फिर प्याऊ में मटके का दान करता है तो इसका बहुत महत्व माना गया है।
  • आप वैशाख के दिनों में जरूरतमंद और निर्धन व्यक्ति को खरबूजा, पंखा, किसी भी प्रकार का फल, अनाज आदि का दान कीजिए।
  • अगर आप वैशाख के दिनों में किसी भी मंदिर में जाकर अनाज और भोजन का दान करते हैं तो यह शुभ माना जाता है।
  • वैशाख के महीने में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और इन दिनों में मांस मदिरा जैसे भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए, इन दिनों में आप सात्विक भोजन का सेवन कीजिए।

आइए जानते हैं वैशाख महीने में कौन से कार्य नहीं करने चाहिए

  • वैशाख के महीने में दिन में सोने से बचना चाहिए।
  • आप वैशाख के महीने में कांसे के बर्तन में भोजन का सेवन मत कीजिए।
  • वैशाख के महीने में रात के वक्त भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए और ना ही इन दिनों में पलंग पर सोना चाहिए।
  • वैशाख के दिनों में आप शराब, मदिरा जैसे चीजों का सेवन ना करें और ना ही मांस, मछली का सेवन कीजिए, इन दिनों में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए।
  • वैशाख के महीने में शरीर पर तेल से मालिश ना करें।

उपरोक्त स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख के महीने में कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से कार्य नहीं करने चाहिए इसके बारे में जानकारी दी गई है, अगर आप इन बातों पर ध्यान देंगे तो इससे भगवान विष्णु जी की कृपा दृष्टि आपके ऊपर हमेशा बनी रहेगी और जीवन की दुख परेशानियां कम हो सकती है, स्कंद पुराण में वैशाख माह के महत्व के बारे में उल्लेख करते हुए यह बताया गया है कि महीरथ नाम के राजा ने केवल वैशाख स्नान से ही बैकुंठधाम प्राप्त किया था, इसलिए इस महीने में सूर्य उदय से पहले किसी भी तीर्थ स्थान, नदी या कुएं में जाकर या फिर घर में स्नान करना उत्तम माना जाता है, अगर आप घर में स्नान कर रहे हैं तो उस दौरान आप पवित्र नदियों का नाम जपे और नहाने के पश्चात आप सूर्य उदय के समय सूर्य देवता को अर्घ्य दीजिए, इससे आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी।

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