देवशयनी एकादशी 2019: 12 जुलाई को यह काम करने की ना करें गलती, वरना विष्णुजी हो जाएंगे क्रोधित

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वर्ष भर में बहुत सी पवित्र तिथियां आती हैं और यह तिथियां बहुत ही शुभ मानी गई है, इन्हीं तिथियों में से एक एकादशी बहुत ही पवित्र तिथि है, एकादशी तिथि पर व्यक्ति को तन, मन, धन की पवित्रता बनाए रखने की पूरी कोशिश करनी चाहिए, अगर एकादशी की पवित्र तिथि पर कोई व्यक्ति मन कर्म और वचन से थोड़ा भी अशुद्ध हो जाता है तो उसको अपने जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए इस शुभ तिथि पर आप ऐसा कोई भी कार्य मत कीजिए जिसकी वजह से आपको परेशानी का सामना करना पड़े।

शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि एकादशी के दिन व्यक्ति को कौन से कार्य करने से बचना चाहिए, अगर व्यक्ति इस पवित्र तिथि पर यह कार्य करता है तो इसकी वजह से भगवान विष्णु जी उस व्यक्ति से नाराज हो जाते हैं, जिसकी वजह से आपको इसका बुरा अंजाम झेलना पड़ सकता है, आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ ऐसे कामों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो देवशयनी एकादशी पर आप भूल कर भी मत कीजिए।

आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी पर कौन से कार्य करने से बचें

  • आप एकादशी के पवित्र दिन जुआ खेलने से बचें क्योंकि जुआ खेलना एक सामाजिक बुराई मानी जाती है, जो व्यक्ति जुए की लत में रहता है उसका परिवार समाप्त हो जाता है, जिस स्थान पर जुआ खेला जाता है उस स्थान पर अधर्म का राज हो जाता है और उस स्थान पर कई तरह की बुराइयां उत्पन्न होने लगती है, इसलिए आप देवशयनी एकादशी के पवित्र दिन जुआ खेलने से बचें।

  • शास्त्रों में यह बताया गया है कि एकादशी की रात को व्यक्ति को नहीं सोना चाहिए बल्कि पूरी रात जागकर भगवान विष्णु जी की भक्ति करना चाहिए, आप भगवान विष्णु जी की प्रतिमा या तस्वीर के पास बैठकर जागरण करें, ऐसा करने से आप भगवान विष्णु जी की कृपा के पात्र बनते हैं।

  • शास्त्रों के अनुसार एकादशी के पवित्र दिन आप किसी की भी निंदा मत कीजिए और ना ही आप अपने मन में किसी अन्य व्यक्ति के प्रति गलत विचार रखें, इसके अलावा आप किसी भी व्यक्ति की चुगली ना करें, इसकी वजह से आपके मान सम्मान में कमी आती है, अगर आप किसी की चुगली करते हैं तो कई बार आपको अपमानित भी होना पड़ता है, सिर्फ एकादशी ही नहीं बल्कि किसी भी दिन आप किसी की निंदा या चुगली मत कीजिए।
  • शास्त्रों के अनुसार चोरी करना पाप माना जाता है, जो व्यक्ति चोरी करता है उसको समाज घृणा की नजरों से देखता है, इसलिए एकादशी हो या कोई भी अन्य दिन आपको चोरी जैसे पाप कर्म से बचना चाहिए।
  • आप एकादशी पर गुस्सा ना करें क्योंकि यह मानसिक हिंसा मानी जाती है, अगर किसी व्यक्ति से किसी प्रकार की गलती हो गई है तो आप उसको माफ कर दीजिए और आप अपने मन को शांत रखिए।
  • एकादशी के दिन व्यक्ति को झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति झूठ बोलता है उसको परिवार और समाज की नजरों में मान-सम्मान की प्राप्ति नहीं होती है, इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए।
  • शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन पान खाना वर्जित माना गया है, इसलिए आप इस दिन पान ना खाएं और सात्विक आचार विचार रखकर भगवान विष्णु जी की भक्ति कीजिए।

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Sohan Mahto

About the Author: Sohan Mahto

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