अध्यात्म

01 अगस्त शनि प्रदोष पर करें इस विधि से पूजा, शनि दोष होंगे दूर, शिवजी की मिलेगी विशेष कृपा

साल 2020 में 1 अगस्त को शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत है। श्रावण महीने में भगवान शिव जी की पूजा के साथ ही दो शनि प्रदोष का संयोग बन रहा है। पहला 18 जुलाई को लग चुका है और दूसरा 1 अगस्त को पड़ेगा। इस दिन भगवान शिव जी की पूजा आराधना की जाती है, परंतु अगर आप शनि प्रदोष व्रत के दिन देवों के देव महादेव के साथ-साथ शनिदेव की पूजा करते हैं तो इससे आपको विशेष शुभ फल की प्राप्ति होती है। अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि दोष है तो ऐसी स्थिति में विधि-विधान पूर्वक शनि प्रदोष व्रत करना चाहिए। इससे शिवजी की विशेष कृपा के साथ-साथ शनि का बुरा प्रभाव दूर होता है।

आज हम आपको शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इस विधि से पूजा करेंगे तो भगवान शिव जी आपकी सभी अधूरी मनोकामनाएं पूरी करेंगे और शनि की महादशा और साढ़ेसाती से परेशान लोगों को राहत मिलेगी।

शनि प्रदोष व्रत पर करें इस विधि से पूजा

  • आप प्रदोष व्रत के दिन सुबह के समय सूर्य उदय से पहले उठ जाएँ, इसके पश्चात आप अपने सभी कार्यों से निवृत्त होकर स्नान कर लीजिए।
  • अगर आप शनि प्रदोष का व्रत कर रहे हैं तो इस दिन सफेद रंग के कपड़ों का धारण करें, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार यह बहुत ही शुभ माना गया है। आपको बता दें कि शनि प्रदोष व्रत निराहार रखा जाता है।

  • आप प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय किसी शिव मंदिर में जाएं या फिर आप अपने घर के पूजा स्थल पर बैठकर भगवान शिव जी का ध्यान करें। आपको व्रत कथा और आरती पढ़नी होगी।
  • भगवान शिव जी का आप दूध और जल से अभिषेक कीजिए। भगवान शिव जी की पूजा के दौरान आप इनको धतूरा, बिल्वपत्र, फूल, फल आदि अर्पित कर सकते हैं।
  • आप प्रदोष व्रत के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं। आप अपने सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा अवश्य दीजिए।
  • आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि शनि प्रदोष व्रत पर आप भोजन का सेवन ना करें। आप शाम के समय पूजा करने के पश्चात सात्विक आहार या फलाहार कर सकते हैं।

शनि प्रदोष पर आप इन चीजों का करें दान

  1. अगर आप शनि प्रदोष के दिन निर्धन लोगों को वस्त्र, अनाज और जूते-चप्पल का दान करते हैं तो इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  2. अगर आप पितृ दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं तो शनि प्रदोष के दिन भगवान शिव जी का अभिषेक जरूर करें।
  3. अगर आप शनि प्रदोष पर शनिदेव को तेल अर्पित करते हैं तो इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

जानिए शनि प्रदोष व्रत का महत्व

अगर कोई व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती या ढैया से परेशान चल रहा है तो ऐसी स्थिति में शनि प्रदोष व्रत शुभ फलदाई माना गया है। मान्यता अनुसार शनि प्रदोष व्रत करने वाले लोगों को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है, इसके साथ ही आपके जीवन की समस्त कठिनाइयां दूर होंगी। अगर नौकरी, व्यापार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है तो यह व्रत करने से आपको लाभ मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button