महादेव की पूजा में इन नियमों का रखें ध्यान, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा, मिलेगा दोगुना फल

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महादेव स्वभाव से बहुत ही भोले हैं, इसलिए इनके भक्त इनको प्यार से “भोला” नाम से बुलाते हैं परंतु यह जितने भोले हैं इनको गुस्सा भी उतना ही अधिक आता है, अगर यह किसी व्यक्ति से नाराज हो जाए तो उसके जीवन में बहुत से संकट उत्पन्न होने लगते हैं, महादेव के भोले स्वभाव की वजह से यह अपने भक्तों की भक्ति से बहुत शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं, इनको प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष चीज की आवश्यकता नहीं होती है, इनको सच्चे मन से एक लोटा पानी भी अर्पित कर दिया जाए तो यह उतने में ही खुश हो जाते हैं।

महादेव की पूजा करने का सबसे उत्तम दिन सोमवार माना गया है, ज्यादातर सभी लोग सोमवार के दिन ही महादेव की पूजा आराधना करते हैं और इनकी भक्ति में लीन रहते हैं, भले ही आप महादेव की पूजा-अर्चना करते हो परंतु वर्तमान समय में भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो इनकी पूजा में अपनाए गए नियमों का पालन नहीं करते हैं, जानकारी के अभाव की वजह से इनको अपनी पूजा का फल प्राप्त नहीं हो पाता है, इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको महादेव की पूजा से संबंधित कुछ ऐसे नियम बताने वाले हैं जिनको ध्यान में रखना बहुत ही जरूरी है, इससे आपको अपनी पूजा का दोगुना फल मिलेगा और भोलेनाथ की कृपा बरसेगी, यह नियम शिव पुराण में बताए गए हैं।

शिव पुराण के अनुसार महादेव की पूजा के नियम

  • शिव पुराण में इस बात का उल्लेख किया गया है कि महादेव की पूजा में शिवपुराण की कथा करना चाहिए, जब आप शिवपुराण की कथा को आरंभ करे तो उससे 1 दिन पहले व्रत की तैयारियां कर लीजिए, आप अपने बाल नाखून दाढ़ी आदि बना लीजिए क्योंकि कथा आरंभ होने के पश्चात या समापन तक इन कार्यों को करना ठीक नहीं माना गया है, इससे आपकी पूजा पूर्ण नहीं होती है।
  • शिवपुराण की कथा के दौरान आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि आप खाना खाकर शिवपुराण की कथा ना सुने क्योंकि इससे भोलेनाथ की कृपा प्राप्त नहीं होती है, और शिव पुराण की कथा सुनने और करवाने वाले व्यक्ति को सबसे पहले कथा सुनाने वाले सम्मानीय व्यक्ति या ब्राह्मण से दीक्षा ग्रहण करनी जरूरी है।

  • अगर आप शिवपुराण की कथा करवाते हैं तो आप इस समय के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और आप जमीन पर ही सोए, इसके बीच आप कुछ भी खाना पीना मत कीजिए जब तक कथा पूरी नहीं हो जाती।
  • अगर आप शिवपुराण की कथा करवा रहे हैं तो आप दिन में एक बार जौ, तिल और चावल से बनी हुई चीजें ग्रहण कीजिए, आप लहसुन, प्याज, हींग नशीली चीजों से दूर रहे, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके घर परिवार में शिव पुराण की कथा के दौरान किसी भी प्रकार का वाद-विवाद या गुस्सा ना हो और आप किसी की बुराई ना करें।
  • जब शिव पुराण की कथा संपन्न हो जाए तो आप उस दिन उद्यापन करते हुए 11 ब्राह्मणों को भोजन कराइए और दान दक्षिणा के रुप में उनको कुछ ना कुछ अवश्य दीजिए।

उपरोक्त शिव पुराण के अनुसार महादेव की पूजा के कुछ नियम बताए गए हैं, अगर आप इन बातों पर ध्यान देते हैं और इसी के अनुसार महादेव की पूजा करते हैं तो इससे आपको अपनी पूजा का विशेष लाभ प्राप्त होगा और महादेव आपके ऊपर हमेशा अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखेंगे।

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Sohan Mahto

About the Author: Sohan Mahto

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