अध्यात्म

सूर्य से सीखें यह विशेषताएं, जीवन जीने के मिलेंगे नए तरीके, लक्ष्य की तरफ बढ़ेंगे आगे

जैसा कि आप लोग जानते हैं मनुष्य का जीवन बहुत ही कठिन रहता है, मनुष्य अपने पूरे जीवन में बहुत से अच्छे और बुरे दौर से गुजरता है, हर व्यक्ति अपना जीवन बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश करता है परंतु जीवन में उत्पन्न होने वाली परेशानियों के आगे उसकी हिम्मत जवाब दे जाती है, ऐसी स्थिति में व्यक्ति काफी हताश हो जाता है परंतु अगर आप हताश हो जाएंगे तो आप अपने लक्ष्य को कभी हासिल नहीं कर पाएंगे, कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति को मजबूत इरादे के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

आज हम आपको सूर्य की ऐसी कुछ विशेषताएं बताने वाले हैं जिनसे हमको जीवन जीने के नए तरीके प्राप्त होंगे, वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा और ईश्वर का नेत्र बताया गया है, मान्यता अनुसार सूर्य जीवन, स्वास्थ्य और शक्ति के देवता है, सूर्य देव की कृपा से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है, सूर्य देवता को संपूर्ण जगत की आत्मा और ब्रह्मा बताया गया है, सूर्यदेव ही पूरी सृष्टि का पालन करते हैं, यही संपूर्ण जगत की अंतरात्मा है, आप इनसे कुछ विशेषताएं सीख कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और इन विशेषताओं से आपको जीवन जीने के नए तरीके का अनुभव हो सकता है।

आइए जानते हैं सूर्य से सीखे कुछ विशेषताएं

  • इंसान अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है परंतु जब उसको निराशा हाथ लगती है तो वह निराश होकर कोशिश करना छोड़ देता है परंतु सूर्य से हमें लक्ष्य की ओर बिना रुके चलने की सीख मिलती है, जिस प्रकार सूर्य बिना रुके हमेशा चलता रहता है, चाहे वातावरण कैसा भी हो, वह निरंतर अपने लक्ष्य पर चलता है, ठीक उसी प्रकार हमें भी कैसी भी परिस्थिति में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में हार नहीं माननी चाहिए।
  • हर मनुष्य को सूर्य से हर परिस्थिति से लड़ने की सीख लेनी चाहिए, जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तो वह इस परिस्थिति में बिल्कुल भी नहीं घबराता है और सूर्य इस परिस्थिति का डटकर सामना करता है।

  • जिस प्रकार सूर्य बिना किसी भेदभाव के अपनी रोशनी सबको प्रदान करता है, उसी प्रकार व्यक्ति को भी अपने जीवन में किसी से भेदभाव नहीं करना चाहिए, सभी के साथ समान व्यवहार रखना चाहिए।
  • अगर हम धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देखें तो सूर्य को वेदों में जगत की आत्मा बताया गया है, पृथ्वी पर जीवन सूर्य से ही संभव है, लेकिन सूर्य देव को इस बात का कोई भी अहंकार नहीं है, इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए।
  • सूर्यदेव अपना कार्य पूरी निष्ठा और लगन से करते हैं, हर व्यक्ति को सूर्य से कर्म के प्रति निष्ठा का भाव सीखना चाहिए।

सूर्य देव की यह विशेषताएं हमें इस बात का सीख देती है कि मनुष्य के जीवन में चाहे कितने भी उतार-चढ़ाव क्यों ना हो, परंतु हर उतार-चढ़ाव में व्यक्ति को कभी भी घबराना नहीं चाहिए और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार कोशिश करती रहनी चाहिए, सूर्य की यह विशेषताएं अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में उतार लेता है तो वह निश्चित ही अपने जीवन में कामयाब होगा और हर परिस्थिति का सामना कर सकता है, यह सभी बातें हमको जीवन जीने का नया तरीका बताती हैं।

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